MP-मोहन सरकार कैबिनेट के निर्णय

Info India News I सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय

6 विभागों की 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति
मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा।

मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे।

कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी।

10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। किसानों के सभी प्रकार के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण कृषि वर्ष में मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। कृषि के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। भावांतर योजना में सरसों और अन्य तिलहन फसलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीपशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपाय को अनुकरणीय बताया। उन्होंने बताया कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित “अन्नदाता सम्मान समारोह” में भावांतर योजना में सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातें में 200 करोड़ रुपए की भावांतर राशि अंतरित की गई।