Info India News I आज रात 8:42 से उल्टी चाल चलेंगे शनिदेव।
गुरु पहले से ही चल रहे अतिचारी अब शनि का वक्री होना संकटकाल।
वैश्विक स्तर पर घोर युद्ध के संकेत दे रहे ग्रह।
31 जुलाई से एक बार फिर राहु केतु के बीच में बंधक बनने जा रहे हैं सभी ग्रह।
भोपाल। न्याय जगत के देवता 28 जुलाई रात्रि 8:42 पर वक्री हो रहे हैं ,गुरु पहले से ही अतिचारी चल रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में यह योग अत्यंत अशुभ काल की ओर इशारा करता है। इस संबंध में शास्त्रों का कहना है
अतिचारे गते जीवे, शनि वक्रत्व मांगते ।
हा हा भूतं जगत सर्वम ,रूडमुंडा च मेधनी।
अर्थात जब गुरु अतिचारी हो अर्थात शीघ्रगामी हो एवं शनि वक्री हो उस समय पर स्थित युद्ध आदि जैसी हो जाती है। कई देश आपस में आधुनिक हथियारों का प्रयोग करके पृथ्वी में त्राहि त्राहि मचाते हैं। जलीय राशि मीन में वक्री हुए शनि का प्रभाव महासागरों के तटीय क्षेत्र में ज्यादा होगा साथ ही विशेष प्रकार के प्राकृतिक प्रकोप भूकंप आदि के संकेत भी देश दुनिया के लिए अशुभ है ।गुरु पूर्व से अत्याचारी चल रहे हैं। शनि के वक्री होने से स्थितियां और बिगड़ सकती हैं।
ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम ने बताया की जब भी ग्रहों की स्थिति अतिचारी एवं वक्र गति में होती है यह स्थिति देश दुनिया के लिए संकटकाल की होती है
पंडित गौतम के अनुसार आगामी 31 जुलाई से राहु केतु के बीच में एक बार फिर से सभी ग्रह बंधक बनने जा रहे हैं जिससे अनेक देशों की संप्रभुता पर संकट खड़ा हो सकता है। बंधक योग के प्रभाव से समुद्री घेराबंदी। से आर्थिक हानि होगी एवं बंधक योग कुंभ राशि से सिंह राशि तक बनने जा रहा है । 31 जुलाई को प्रातः 6:20 से चंद्रमा के कुंभ राशि में जाने से सभी ग्रह राहु केतु के बीच में समा जाएंगे इस बीच में कहीं पर भी जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं की जन्म कुंडली में कालसर्प दोष बनेगा यह बंधक योग आगामी। 15 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।
इधर शनि वक्री एवं गुरु अतिचारी लगभग वर्ष के अंत तक रहने वाले हैं अतः सभी को इस संकट काल में सोच समझकर एवं एक जुटता से रहने की आवश्यकता है।
भारत की प्रभाव राशि कुंभ के स्वामी शनि के वक्री होने से भारत के तटीय क्षेत्रों में आतंकीय गतिविधियों एवं सरकार विरोधी तत्वों से देश में संकट पैदा हो सकता है। मध्य प्रदेश की प्रभाव राशि मकर का स्वामी भी शनि है जिससे मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
बंधक योग के प्रभाव से प्रमुख राशियों में एवं जातकों पर प्रभाव होगा।
कुंभ राशि न्याय की राशि।
मीन राशि जलीय धर्म कर्म की राशि।
मेष राशि सैन्य सहायता की राशि।
वृष राशि फिल्म जगत की राशि
मिथुन राशि व्यापार जगत की राशि
कर्क राशि। जल, मन, मस्तिष्क की राशि
सिंह राशि राजा सूर्य की राशि देशों की उन्नति से संबंधित राशि प्रभावित हो रही है । इन राशि के जातकों को भी प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। बंधक योग के प्रभाव से इन राशि वालों कोकार्यों में रुकावट उन्नति पदोन्नति में बाधा एवं आर्थिक स्थितियों में प्रतिकूलता बनेगी।
अतः उपरोक्त कारकों से संबंधित प्रभाव में तेजी से बदलाव होने के संकेत ग्रह दे रहे हैं।
पंडित विनोद गौतम
ज्योतिष मठ संस्थान
9827 322068
