MP News शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशीबाई का निधन, भोपाल एम्स में ली अंतिम सांस; जैत गांव में होगा अंतिम संस्कार

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भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पूज्य माताजी काशीबाई चौहान का शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही मध्यप्रदेश सहित देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

भोपाल एम्स में चल रहा था उपचार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, काशीबाई चौहान पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उनका भोपाल एम्स में उपचार चल रहा था। शुक्रवार सुबह उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। मां के निधन की दुखद सूचना मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और परिवार के सदस्य इस कठिन समय में अस्पताल पहुंचे। परिवार के लिए यह बेहद भावुक और पीड़ादायक क्षण है।

शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से अपनी माताजी के निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि आज उनके पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःख और पीड़ा का दिन है। उनकी पूज्य माताजी काशीबाई उन्हें छोड़कर अनंत यात्रा पर प्रस्थान कर गई हैं। मां का जाना जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है, जिसे कोई भर नहीं सकता। उन्होंने परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की कि उनकी माताजी को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।

पैतृक गांव जैत में होगा अंतिम संस्कार

परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय काशीबाई चौहान का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए भोपाल के साकेत नगर स्थित निवास पर रखा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव जैत, जिला सीहोर ले जाया जाएगा। शुक्रवार दोपहर 3 बजे ग्राम जैत में उनका अंतिम संस्कार किया जाना निर्धारित है।

ग्राम जैत शिवराज सिंह चौहान का पैतृक गांव है। इस गांव से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनके राजनीतिक जीवन और सार्वजनिक व्यक्तित्व में भी अपने गांव, परिवार और मिट्टी के प्रति लगाव कई बार दिखाई देता रहा है। ऐसे में माताजी के अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव का चयन परिवार के लिए भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

सोशल मीडिया पर छलका शिवराज का दर्द

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी माताजी को याद करते हुए जिस तरह अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, उससे मां और बेटे के रिश्ते की गहराई महसूस की जा सकती है। उन्होंने अपने संदेश में मां के जाने से पैदा हुई उस रिक्तता का जिक्र किया, जिसे जीवन में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं भर सकता।

मां का साया जीवन में सबसे बड़ा संबल माना जाता है। व्यक्ति कितना भी बड़ा पद हासिल कर ले, लेकिन मां के सामने वह हमेशा संतान ही रहता है। केंद्रीय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन करने वाले शिवराज सिंह चौहान के लिए भी यह व्यक्तिगत जीवन की अपूरणीय क्षति है।

राजनीतिक जगत में शोक की लहर

काशीबाई चौहान के निधन का समाचार सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोग इस कठिन समय में संवेदना प्रकट कर रहे हैं।

मां का निधन किसी भी परिवार के लिए ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। इस कठिन घड़ी में सभी की संवेदनाएं चौहान परिवार के साथ हैं।

ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा काशीबाई चौहान को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और समस्त परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति!