Info India News I आगर में 3800 करोड़ की मैक्केन फूड परियोजना होगी शुरू : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन है
मुख्यमंत्री ने आगर के बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से किया वर्चुअली संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियों कॉन्फ्रेसिंग से आगर में शुक्रवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता करते हुए किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष के तहत् आयोजित कार्यक्रमों में किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि के क्षेत्र में नवाचार तथा किसानों की आवश्यकताओं के संबंध में संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर में 3800 करोड़ की मैक्केन फूड परियोजना शुरू हो रही है, इसमें 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले के लालूखेड़ी में आलू प्रसंस्करण का 200 करोड़ का उद्योग स्थापित हो रहा है, लालूखेड़ी के साथ ही अब आगर-मालवा जिले के किसान भी आलू उगाऐंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर एवं सुसनेर का संतरा देश भर में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के पशुपालक गौपालन के लिये भी विशेष रूप से जाने जाते है। जैविक दूध प्रदेश में कही मिलता है तो आगर में ही मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का दूध उत्पादन भी बढ़ेगा, सांची का दुग्ध ब्राण्ड भी बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर जिला सौर उर्जा एवं विण्ड एनर्जी के लिये भी अपनी अलग पहचान रखता है। प्रदेश में पर्याप्त बिजली, सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध है और पांच लाख किलोमीटर की सड़कों का जाल भी है। उन्होंने ने कहा कि वर्ष 2027 तक गेहूं 2700 से के भाव में खरीदेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर जिला गौ-सेवा के लिये भी विशेष पहचान रखता है। गौ-अभयारण्य सालरिया एवं जिले की अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की समुचित देखभाल की जा रही है। सरकार प्रति गौवंश 40 रूपए प्रतिदिन की दर से गौवंश की देखभाल के लिये गौशालाओं को राशि प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौपालन को बढ़ावा देने के लिये गौपालन पुरस्कार योजना के तहत् अच्छे पशुपालकों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रत्येक विकास खण्ड से प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले पशुपालक को एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार के लिये 50 हजार एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपए की राशि पशुपालक को प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिनायगा बड़ौद के प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसान राधेश्याम परिहार, आखाखेड़ी तनोडिया के प्राकृतिक अरहर खेती करने वाले किसान रोहित शर्मा एवं अन्य उपस्थित प्रगतिशील कृषकों से वर्चुअली संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक, जैविक एवं उन्नत कृषि के बारे में जानकारी ली तथा इससे होने वाले लाभ के बारे में भी चर्चा की।
सांसद रोड़मल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेती को उद्यम बनाकर किसानों के लिये लाभ का धन्धा बना दिया है। आज उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी किसान पुत्र कृषि की ओर आकर्षित हो रहे है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव और विधायक मधु गेहलोत ने भी संबोधित किया।
प्रगतिशील किसानों, मेधावी विद्यार्थियों और भूतपूर्व सैनिकों का किया सम्मान
कार्यक्रम मे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील किसानों, किसान परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं और भूतपूर्व सैनिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को कपिल यारदे, कप्तान सिंह यादव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग एवं आधुनिक कृषि यंत्रों सहित अन्य विभागों की प्रदर्शनियों लगायी गई।
