MP News मुख्यमंत्री निवास पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की गई राधा-कृष्ण की मूर्ति

250 से 350 करोड़ वर्ष प्राचीन ‘कृष्ण शिला’ से तैयार की गई राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रतिमा

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राधा-कृष्ण की लगभग 3 फीट ऊंची मूर्ति भेंट की गई। यह मूर्ति मंडला के प्रसिद्ध मूर्तिकार किशोर काल्पीवार ने तैयार की है।

मूर्तिकार किशोर काल्पीवार मध्यप्रदेश की समृद्ध पारंपरिक शिल्प परंपरा को आधुनिक सृजनात्मक दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने वाले कुशल शिल्पकार हैं। मंडला क्षेत्र से जुड़े काल्पीवार ने पत्थर में देवी-देवताओं के भाव, मुद्रा और आध्यात्मिक स्वरूप को सजीव रूप देने में विशेष पहचान बनाई है। वर्तमान में वे जानापाव स्थित श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक के लिए प्रस्तावित मूर्तियों के निर्माण कार्य से भी जुड़े हैं।

राधा-कृष्ण की यह मूर्ति जिस विशेष पत्थर से निर्मित की गई है, उसके बारे में किशोर काल्पीवार, मंडला ने बताया कि गोंडवाना और महाकौशल क्षेत्र में मिलने वाली प्राचीन ‘कृष्ण शिला’ से श्रीकृष्ण की मूर्ति का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शिला लगभग 250 से 350 करोड़ वर्ष पुरानी चट्टानी संरचना वाले क्षेत्र से प्राप्त होती है। मंडला सहित महाकौशल क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे स्थित विभिन्न खदानों में इस प्रकार की शिलाएँ मिलती हैं। कृष्ण शिला की विशेषता यह है कि यह पानी को आसानी से अवशोषित नहीं करती और मौसम के प्रभाव से भी अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है। इसकी कठोरता और घनत्व के कारण यह बारीक एवं सूक्ष्म कारीगरी के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है। शिला में प्राकृतिक रूप से मैटेलिक तत्व भी पाए जाते हैं, जो इसकी विशिष्टता बढ़ाते हैं।  काल्पीवार ने बताया कि मध्यप्रदेश की इसी विशिष्ट प्राकृतिक धरोहर और स्थानीय पत्थर कला को ध्यान में रखते हुए श्रीकृष्ण की मूर्ति तैयार की गई है। काल्पीवार मंडला की मृदुकिशोर मार्बल एवं ग्रेनाइट इंडस्ट्रीज से जुड़े है जो प्रदेश की पत्थर परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।